Our Heros

  • पुलवामा हमले में शहीद भारत माँ के सपूतो को सत-सत नमन

ईश्वर हमारे दुश्मनों पर दया करे, क्योंकि हम तो करेंगे नहीं।

  • कौशल कुमार रावत
  • 115वीं बटालियन (प्रतापपुरा, उत्तर प्रदेश)

हमें पाने के लिए आपको अवश्य ही अच्छा होना होगा, हमें पकड़ने के लिए आपको तीव्र होना होगा, किन्तु हमें जीतने के लिए आपको अवश्य ही बच्चा होना होगा।

  • कुलविंदर सिंह
  • 92वीं बटालियन (आनंदपुर साहिब, पंजाब)

जो पूरी रात जागते है, जरुरी नहीं वो सिर्फ आशिक ही हो वो देश पर मर मिटने वाला जवान भी हो सकता है

  • अजीत कुमार आज़ाद
  • 115वीं बटालियन (उन्नाव, यूपी)

मैं तिरंगा फहराकर वापस आऊंगा या फिर तिरंगे में लिपटकर आऊंगा, लेकिन मैं वापस अवश्य आऊंगा।

  • अमित कुमार
  • 92वीं बटालियन (शामली, यूपी)

यदि अपना शौर्य सिद्ध करने से पूर्व मेरी मृत्यु आ जाए तो ये मेरी कसम है कि मैं मृत्यु को ही मार डालूंगा।

  • अवधेश कुमार यादव
  • 45वीं बटालियन (चंदौली, यूपी)

हमारा झंडा इसलिए नहीं फहराता कि हवा चल रही होती है, ये हर उस जवान की आखिरी सांस से फहराता है जो इसकी रक्षा में अपने प्राणों का उत्सर्ग कर देता है।

  • अश्विनी कुमार
  • 35वीं बटालियन (जबलपुर, मध्यप्रदेश)

आतंकवादियों को माफ करना ईश्वर का काम है, लेकिन उनकी ईश्वर से मुलाकात करवाना हमारा काम है।

  • गुरू एच.
  • 82वीं बटालियन (मांड्या, कर्नाटक)

हमारा जीना हमारा संयोग है, हमारा प्यार हमारी पसंद है, हमारा मारना हमारा व्यवसाय है।

  • जयमल सिंह
  • 76वीं बटालियन (मोगा, पंजाब)

इसका हमें अफसोस है कि अपने देश को देने के लिए हमारे पास केवल एक ही जीवन है।

  • जीत राम
  • 92वीं बटालियन (भरतपुर, राजस्थान)

यदि कोई व्यक्ति कहे कि उसे मृत्यु का भय नहीं है तो वह या तो झूठ बोल रहा होगा या फिर वो इंडियन आर्मी का ही होगा।

  • तिलक राज
  • 76वीं बटालियन (कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश)

शांति से आप अपने घर में रह सकते है जब तक की भारतीय सेना सीमा पर तैनात है.

  • नारायण लाल गुर्जर
  • 118वीं बटालियन (राजसामंद,राजस्थान)

हम भारतीय सेना से सिर्फ दो लोग ही मिलने आते है. एक या तो वो हमारे बहुत अच्छे दोस्त होते है, या दूसरा वे हमारे कट्टर दुश्मन होते है

  • नासीर अहमद
  • 76वीं बटालियन (राजौरी, जम्मू-कश्मीर)

हम पूरे दमखम से जीतने के लिए लड़ते है, क्युकी जंग में कोई भी दुसरे स्थान पर नही आता है.

  • पंकज कुमार त्रिपाठी
  • 53वीं बटालियन (महाराजगंज, यूपी)

हमसें कोई जीत नहीं सकता, क्योंकि डरना तो हमने सीखा ही नही

  • पी.के साहू
  • 61वीं बटालियन (जगत सिंह पुर, ओडिशा)

तू शहीद हुआ, तो न जाने, कैसे तेरी माँ सोयी होगी? लेकिन एक बात तो तय है कि .. तुझे लगने वाली गोली भी, सौ बार रोयी होगी.

  • प्रदीप कुमार
  • 115वीं बटालियन 9तेरवा, कन्नौज0

आसमान में हजारो सितारों के होने से कही अच्छा हमारे कंधे पर दो सितारे है.

  • बबलू संतरा
  • 35वीं बटालियन (हावड़ा, पश्चिम बंगाल)

सात बार गिरकर भी आठवी बार उठ जाना भारतीय सेना ही कर सकती है.

  • मनिंदर सिंह अतरी
  • 75वीं बटालियन (गुरदासपुर, पंजाब)

अगर आपको जिंदगी में कभी निराशा होती है तो, सियाचिन ग्लेशियर पर भारतीय फौज के बारे में सोचे.

  • महेश कुमार
  • 118वीं बटालियन (इलाहाबाद, उत्तरप्रदेश)

नहीं सर, मैं अपना टैंक नहीं छोडूंगा मेरी बंदूक अभी भी काम कर रही है और मैं दुश्मनों को मार कर लाऊंगा.

  • मानेसवर बासुमतारी
  • 98वीं बटालियन (बक्सा, असम)

युद्ध के मैदान में मारे गए योद्धा के लिए शोक न करे, क्योकि युद्ध में शहीद होने वाले का स्वर्ग में सम्मान होता है..

  • मोहनलाल
  • 110वीं बटालियन (उत्तरकाशी, उत्तराखंड)

तुम हमारे घर में घुसने की कोशिश करोगे हम भारतीय सेना तुम्हारे घर में घुस कर मारेगे..

  • रतन कुमार ठाकुर
  • 45वीं बटालियन (भागलपुर, बिहार)

अगर मै आगे बढ़ता हु तो हो सकता है की मै मर जाऊ, और पीछे हटू तो मेरे तिरंगे का अपमान है इसलिए मुझे हमेशा आगे बढना ही रहना होगा.

  • रमेश यादव
  • 61वीं बटालियन (वाराणसी, यूपी)

“हमारा झण्डा इसलिए नहीं फहराता कि हवा चल रही होती है, ये हर उस जवान की आखिरी साँस से फहराता है जो इसकी रक्षा में अपने प्राणों का उत्सर्ग कर देता है।”

  • राठौड़ नितिन शिवाजी
  • 3वीं बटालियन (बलदाना, महाराष्ट्र)

“हमें पाने के लिए आपको अवश्य ही अच्छा होना होगा, हमें पकडने के लिए आपको तीव्र होना होगा, किन्तु हमें जीतने के लिए आपको अवश्य ही बच्चा होना (धोखा देना) होगा।”

  • राम वकील
  • 176वीं बटालियन (मैनपुरी, यूपी)

हमारा जीना हमारा संयोग है, हमारा प्यार हमारी पसंद है, हमारा मारना हमारा व्यवसाय है।

  • रोहिताश लांबा
  • 76वीं बटालियन (जयपुर, राजस्थान)

इसका हमें अफसोस है कि अपने देश को देने के लिए हमारे पास केवल एक ही जीवन है।

  • वसंथा कुमार वी.वी
  • 82वीं बटालियन (वयानाड़, केरल)

कुछ उद्देश्य इस लायक होते है की, उनके लिए नाकाम होना भी शानदार होते है।

  • विजय कुमार मौर्या
  • 92वीं बटालियन (देवरिया, यूपी)

असंभव को करने में थोड़ा समय लगेगा, मुश्किल को पलक झपकते ही कर दिया जायेगा।

  • विजय सोरेंग
  • 82वीं बटालियन (गुमला, झारखंड)

सच्चे सैनिक अपनी आखिरी सांस तक लड़ते हैं इसलिए नही कि वे अपने सामने वालों से नफरत करते हैं बल्कि इसलिए क्योंकि वे अपने पीछे खड़े लोगों से प्यार करते हैं।

  • वीरेंद्र सिंह
  • 45वीं बटालियन (उधमसिंहनगर, उत्तराखंड)

तू शहीद हुआ, तो न जाने, कैसे तेरी माँ सोयी होगी? लेकिन एक बात तो तय है कि .. तुझे लगने वाली गोली भी, सौ बार रोयी होगी!!

  • श्याम बाबू
  • 115वीं बटालियन (कानपुर देहात, यूपी)

हम भारतीय सेना के जवान अपनी धरती की रक्षा के लिए दिन रात मेहनत करते है।

  • संजय कुमार सिन्हा
  • 176वीं बटालियन (पटना, बिहार)

हमें इस बात का अफ़सोस है कि हमारे पास देश के लिए जान देने के लिए सिर्फ एक ही जान है।

  • संजय राजपूत
  • 115वीं बटालियन (बुलढाना, महाराष्ट्र)

असंभव को करने में थोड़ा समय लगेगा पर मुश्किल काम पालक झपकते ही हो जाएगा।

  • सुखजिंदर सिंह
  • 76वीं बटालियन तरणतारन, पंजाब

आपके देश की सुरक्षा, सम्मान और कल्याण पहले, हमेशा और हर समय आता है। आपके द्वारा आदेश देने वाले पुरुषों का सम्मान, कल्याण और आराम, अगला आओ। आपकी अपनी आसानी, आराम और सुरक्षा आखिरी बार आती है।

  • सुब्रमनियन जी.
  • 82वीं बटालियन तुतीकोरिन, तमिलनाडू

हमारे हेलीकॉप्टर रोटर्स तब तक मंथन नहीं रोकेंगे जब तक हम आप में से प्रत्येक को बाहर नहीं निकाल पाते।

  • हेमराज मीणा
  • 61वीं बटालियन कोटा, राजस्थान



More